६० संवत्सर (बृहस्पति चक्र)
४६

परिधावी

परिधावी साठ-वर्षीय वैदिक संवत्सर चक्र का ४६वाँ वर्ष है। यह पूरे वर्ष में धर्म और सद्भाव की प्रेरणा देता है।

धार्मिक महत्व

संवत्सर परंपरा में परिधावी वर्ष सामाजिक और आध्यात्मिक उन्नति को बढ़ावा देता है।

शुभ / अनुकूल
  • •धार्मिक अनुष्ठान और लोकहित कार्य
  • •सत्य और सदाचार का पालन
प्रतिकूल
  • •धर्मविरोधी और अहितकर कार्य