पंचक रहित मुहूर्त: शुभ कार्य आरंभ
निवडलेल्या ठिकाण आणि तारखेसाठी तिथी, वार, नक्षत्र आणि लग्नाचा वापर करून पंचक रहित कालावधी मोजा.
गुरुवार, ८ ऑक्टोबर, २०२६
सध्याचा पंचक
अग्नि पंचक
६:५६ म.उ. - ८:४३ म.उ.
मिथुन लग्न (उदय रास) • पूर्व फाल्गुनी
पंचक रहित कालावधी
सूर्योदयापासून पुढील सूर्योदयापर्यंत
दिवसाचा पंचक
| क्र. | तपशील | वेळ | पंचक |
|---|---|---|---|
| ८ | वृश्चिकपंचक रहित लग्न ८ • तिथी: त्रयोदशी, वार: गुरुवार, नक्षत्र: पूर्व फाल्गुनी | ६:०८ म.पू.-७:४३ म.पू. | पंचक रहित |
| ९ | धनुरोग पंचक लग्न ९ • तिथी: त्रयोदशी, वार: गुरुवार, नक्षत्र: पूर्व फाल्गुनी | ७:४३ म.पू.-९:५९ म.पू. | रोग पंचक |
| १० | मकरपंचक रहित लग्न १० • तिथी: त्रयोदशी, वार: गुरुवार, नक्षत्र: पूर्व फाल्गुनी | ९:५९ म.पू.-१२:१२ म.उ. | पंचक रहित |
| ११ | कुंभमृत्यु पंचक लग्न ११ • तिथी: त्रयोदशी, वार: गुरुवार, नक्षत्र: पूर्व फाल्गुनी | १२:१२ म.उ.-२:११ म.उ. | मृत्यु पंचक |
| १२ | मीनअग्नि पंचक लग्न १२ • तिथी: त्रयोदशी, वार: गुरुवार, नक्षत्र: पूर्व फाल्गुनी | २:११ म.उ.-३:५१ म.उ. | अग्नि पंचक |
| १ | मेषपंचक रहित लग्न १ • तिथी: त्रयोदशी, वार: गुरुवार, नक्षत्र: पूर्व फाल्गुनी | ३:५१ म.उ.-५:२२ म.उ. | पंचक रहित |
| २ | वृषभमृत्यु पंचक लग्न २ • तिथी: त्रयोदशी, वार: गुरुवार, नक्षत्र: पूर्व फाल्गुनी | ५:२२ म.उ.-६:५६ म.उ. | मृत्यु पंचक |
रात्रीचा पंचक
| क्र. | तपशील | वेळ | पंचक |
|---|---|---|---|
| ३ | मिथुनआत्ताअग्नि पंचक लग्न ३ • तिथी: त्रयोदशी, वार: गुरुवार, नक्षत्र: पूर्व फाल्गुनी | ६:५६ म.उ.-८:४३ म.उ. | अग्नि पंचक |
| ४ | कर्कपंचक रहित लग्न ४ • तिथी: त्रयोदशी, वार: गुरुवार, नक्षत्र: पूर्व फाल्गुनी | ८:४३ म.उ.-९:३२ म.उ. | पंचक रहित |
| ४ | कर्कराज पंचक लग्न ४ • तिथी: त्रयोदशी, वार: गुरुवार, नक्षत्र: उत्तर फाल्गुनी | ९:३२ म.उ.-१०:२८ म.उ. | राज पंचक |
| ४ | कर्कपंचक रहित लग्न ४ • तिथी: चतुर्दशी, वार: गुरुवार, नक्षत्र: उत्तर फाल्गुनी | १०:२८ म.उ.-१०:४८ म.उ. | पंचक रहित |
| ५ | सिंहचोर पंचक लग्न ५ • तिथी: चतुर्दशी, वार: गुरुवार, नक्षत्र: उत्तर फाल्गुनी | १०:४८ म.उ.-१:०४ म.पू. | चोर पंचक |
| ६ | कन्यारोग पंचक लग्न ६ • तिथी: चतुर्दशी, वार: शुक्रवार, नक्षत्र: उत्तर फाल्गुनी | १:०४ म.पू.-३:१८ म.पू. | रोग पंचक |
| ७ | तूळपंचक रहित लग्न ७ • तिथी: चतुर्दशी, वार: शुक्रवार, नक्षत्र: उत्तर फाल्गुनी | ३:१८ म.पू.-५:२८ म.पू. | पंचक रहित |
| ८ | वृश्चिकमृत्यु पंचक लग्न ८ • तिथी: चतुर्दशी, वार: शुक्रवार, नक्षत्र: उत्तर फाल्गुनी | ५:२८ म.पू.-६:०८ म.पू. | मृत्यु पंचक |
पंचक प्रकार
पाच पंचक उरलेल्या भागांचे (शेष) पारंपारिक अर्थ.
बाकी १
मृत्यु पंचक
पारंपरिकदृष्ट्या धोका किंवा जोखीम परिणामांशी संबंधित.
बाकी २
अग्नि पंचक
पारंपरिकदृष्ट्या अग्नीशी संबंधित धोक्याशी संबंधित.
बाकी ४
राज पंचक
पारंपरिकदृष्ट्या प्रतिकूल परिणाम किंवा अधिकार-संबंधित अडथळ्यांशी संबंधित.
बाकी ६
चोर पंचक
पारंपरिकदृष्ट्या चोरी, नुकसान किंवा फसवणुकीशी संबंधित.
बाकी ८
रोग पंचक
पारंपरिकदृष्ट्या आजार किंवा आरोग्याशी संबंधित काळजीशी संबंधित.
पंचक रहित बद्दल
पंचक रहित हे चार घटकांवर आधारित पारंपारिक मुहूर्त गणना आहे: तिथी, वार, नक्षत्र आणि लग्न. त्यांची संख्यात्मक मूल्ये एकत्र जोडली जातात आणि 9 ने भागली जातात.
मानक चार-घटक पद्धतीमध्ये 0, 3, 5 आणि 7 उरलेले भाग पंचक रहित म्हणून वर्गीकृत केले जातात. 1, 2, 4, 6 आणि 8 हे क्रमशः मृत्यू, अग्नि, राजा, चोर आणि रोग पंचक दर्शवतात.
पंचक वर्गीकरण हे पारंपारिक मुहूर्त मार्गदर्शन आहे. विविध पंचांग परंपरा अतिरिक्त नियम वापरू शकतात.
