# शरद पूर्णिमा क्यों मनाई जाती है और इसका क्या महत्व है?

> शरद पूर्णिमा को आश्विन मास की पूर्णिमा के रूप में मनाया जाता है, जिसे कोजागरी पूर्णिमा भी कहते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस रात मां लक्ष्मी पृथ्वी पर भ्रमण करने आती हैं और जागकर उनकी आराधना करने वालों को आशीर्वाद देती हैं।

Source: https://www.hinducalendar.today/posts/sharad-purnima-significance-and-puja-vidhi

प्रकाशित: Thursday, 22 October 2026

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शरद पूर्णिमा को आश्विन मास की पूर्णिमा के रूप में मनाया जाता है, जिसे कोजागरी पूर्णिमा भी कहते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस रात मां लक्ष्मी पृथ्वी पर भ्रमण करने आती हैं और जागकर उनकी आराधना करने वालों को आशीर्वाद देती हैं।

## शरद पूर्णिमा क्यों मनाई जाती है और इसका क्या महत्व है?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा अपनी 16 कलाओं से परिपूर्ण होता है और उसकी चांदनी बेहद शुभ होती है। इस रात कोजागरी व्रत और जागरण करने से मां लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है। भक्त इस दौरान माता के मंत्रों का जाप करते हैं और परिवार की खुशहाली की कामना करते हैं। मान्यता है कि इससे घर में धन-धान्य और समृद्धि का वास होता है और आर्थिक समस्याओं से छुटकारा मिलता है।

## शरद पूर्णिमा पर रातभर जागने और जागरण का क्या महत्व है?

धार्मिक मान्यता के अनुसार, शरद पूर्णिमा की रात मां लक्ष्मी यह देखने के लिए पृथ्वी पर आती हैं कि कौन जागकर उनकी आराधना कर रहा है। इसी कारण इस रात जागरण करने की परंपरा प्रचलित है। जो भक्त सच्चे मन से मां लक्ष्मी की पूजा करते हैं, उन्हें देवी का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इस रात भजन-कीर्तन, मंत्र जाप और ध्यान करने से मन को शांति मिलती है।

## शरद पूर्णिमा पर चंद्रमा की रोशनी में खीर क्यों रखी जाती है?

इस पूर्णिमा की रात चंद्रमा अपनी 16 कलाओं से पूर्ण होता है और उसकी चांदनी में औषधीय गुण माने जाते हैं। मान्यता के अनुसार, इस रात खुले आसमान के नीचे खीर रखी जाती है ताकि चंद्रमा की अमृतमयी किरणें उस पर पड़ें। इसके बाद इसे प्रसाद के रूप में ग्रहण किया जाता है।

## शरद पूर्णिमा की पूजा की विधि क्या है?

1. शरद पूर्णिमा की शाम घर की अच्छी तरह सफाई करें और पूजा स्थल को फूलों और दीपों से सजाएं।
2. मां लक्ष्मी की प्रतिमा या तस्वीर को साफ स्थान पर स्थापित करें।
3. मां लक्ष्मी के सामने शुद्ध घी का दीपक जलाएं।
4. माता को फूल, फल, सफेद मिठाई और खीर अर्पित करें।
5. मां लक्ष्मी के सरल मंत्र का जाप करें और लक्ष्मी चालीसा का पाठ करें।

> पूजा का नियम

> पूजा के समय मन को शांत रखें और सुविधा के अनुसार रात में जागकर भगवान का स्मरण करें। पूजा के बाद प्रसाद परिवार के सदस्यों में बांटें।

## शरद पूर्णिमा पर धन प्राप्ति और आर्थिक तंगी दूर करने के लिए क्या करें?

शरद पूर्णिमा पर मां लक्ष्मी को खीर का भोग लगाना, घर में स्वच्छता बनाए रखना, जरूरतमंदों की सहायता करना और श्रद्धापूर्वक मंत्र जाप करना शुभ माना जाता है। इस दिन जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और अन्य उपयोगी चीजों का दान करना भी फलदायी होता है। घर में अनावश्यक खर्चों से बचने और धन का सदुपयोग करने का संकल्प लें।

## शरद पूर्णिमा को कोजागरी पूर्णिमा क्यों कहा जाता है?

आश्विन मास की इस पूर्णिमा को कोजागरी पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। इस रात्रि को 'कोजागर्ति' यानी 'कौन जाग रहा है?' के भाव से जोड़ा जाता है। मान्यता है कि इस रात जो जागकर माता की आराधना करते हैं, मां लक्ष्मी उन्हें सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं।

## यह भी देखें

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- [शरद पूर्णिमा की खीर कब खानी चाहिए?](https://www.hinducalendar.today/posts/sharad-purnima-kheer-consumption-time)
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