# आपके जीवन की डोर असल में किसके हाथ में है?

> धार्मिक मान्यता के अनुसार, श्रीमद्भगवद्गीता के 14वें अध्याय में भगवान श्रीकृष्ण ने प्रकृति के तीन गुणों—सत्त्व, रज और तम—के माध्यम से जीवन के सबसे बड़े रहस्यों को समझाया है।

Source: https://www.hinducalendar.today/posts/life-control-bhagavad-gita-three-gunas

प्रकाशित: Monday, 26 October 2026

2 मिनट में पढ़ें

धार्मिक मान्यता के अनुसार, श्रीमद्भगवद्गीता के 14वें अध्याय में भगवान श्रीकृष्ण ने प्रकृति के तीन गुणों—सत्त्व, रज और तम—के माध्यम से जीवन के सबसे बड़े रहस्यों को समझाया है। ये तीनों गुण अविनाशी आत्मा को नश्वर शरीर से बांधते हैं और हमारे स्वभाव, कर्म तथा सुख-दुःख की स्थिति का निर्धारण करते हैं।

## हमारे जीवन की डोर असल में किसके हाथ में है?

धार्मिक मान्यता के अनुसार, मनुष्य का जीवन किसी बाहरी भय या लाचारी के अधीन नहीं है, बल्कि हमारे भीतर की मानसिक वृत्तियों और गुणों पर आधारित है। गीता के अनुसार, प्रकृति से उत्पन्न तीन गुण ही हमारे कर्मों और अनुभवों को दिशा देते हैं।

## श्रीमद्भगवद्गीता के अनुसार प्रकृति के तीन गुण कौन-से हैं?

भगवान श्रीकृष्ण अर्जुन को समझाते हैं कि प्रकृति से उत्पन्न होने वाले मुख्य रूप से तीन गुण हैं। ये तीनों गुण संसार के हर प्राणी में कम या ज्यादा मात्रा में विद्यमान रहते हैं।

> पहला श्लोक

> *सत्त्वं रजस्तम इति गुणाः प्रकृतिसम्भवाः।निबध्नन्ति महाबाहो देहे देहिनमव्ययम् ॥*

> प्रकृति से उत्पन्न सत्त्व, रज और तम ये तीनों गुण अविनाशी जीवात्मा को शरीर में बांध देते हैं।

## सत्त्व, रज और तम गुण हमारे जीवन और मन को कैसे प्रभावित करते हैं?

इन गुणों में **सत्त्वगुण** सबसे निर्मल, प्रकाशक और दुख-रहित है जो मनुष्य को ज्ञान और सुख की ओर ले जाता है। हालांकि, यह गुण भी व्यक्ति को सुख और ज्ञान की आसक्ति से बांध लेता है। जड़ प्रकृति और चेतन परमात्मा के संयोग से ही संसार के सभी चराचर जीवों की उत्पत्ति होती है।

> तीसरा श्लोक

> *तत्र सत्त्वं निर्मलत्वात्प्रकाशकमनामयम् ।सुखसङ्गेन बध्नाति ज्ञानसङ्गेन चानघ ॥*

> सत्त्वगुण निर्मल होने के कारण प्रकाशवान और अनामय है, जो सुख और ज्ञान की आसक्ति से बांधता है।

> मुख्य संदेश

> भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं कि सत्त्वगुण मनुष्य को ज्ञान, शांति और सुख देता है, लेकिन जब इसका मोह या अहंकार हो जाता है, तो यह भी आत्मा को एक चक्र में बांध लेता है।

## भगवद्गीता के त्रिगुण विभाग योग का क्या संदेश है?

गीता के इन श्लोकों के माध्यम से श्रीकृष्ण यह संदेश देते हैं कि भौतिक प्रकृति एक गर्भ के समान है जिसमें परमात्मा आत्मा का बीज स्थापित करते हैं। इस प्रकार जड़ प्रकृति और चेतन परमात्मा के संयोग से ही सभी प्राणियों का जन्म होता है और वे इन गुणों के प्रभाव में जीते हैं।

## यह भी देखें

- [कृष्ण जन्माष्टमी](https://www.hinducalendar.today/festivals/krishna-janmashtami)
- [आज का पंचांग](https://www.hinducalendar.today/dainika-panchang)

## और पढ़ें

- [बार-बार एक ही बात सोचकर हो रहे हैं परेशान? गीता का यह श्लोक शांत करेगा बेचैन मन](https://www.hinducalendar.today/posts/gita-shlok-to-control-overthinking-and-restless-mind)
- [शोक से विचलित मन को कैसे संभालें? श्रीमद्भगवद् गीता का यह श्लोक देगा अद्भुत शांति](https://www.hinducalendar.today/posts/coping-with-grief-bhagavad-gita-wisdom)
- [शरद पूर्णिमा क्यों मनाई जाती है और इसका महत्व क्या है?](https://www.hinducalendar.today/posts/sharad-purnima-significance-and-worship-rules)
- [महात्मा विदुर ने क्यों बताया कि अपने लोग ही बन जाते हैं बर्बादी की वजह?](https://www.hinducalendar.today/posts/why-loved-ones-become-reason-for-ruin-according-to-vidur-niti)
- [पैर के अंगूठे की बनावट से क्या पता चलता है?](https://www.hinducalendar.today/posts/toe-shape-personality-and-fortune-samudrik-shastra)
- [हस्तरेखा शास्त्र: अंगूठे के नीचे की जीवन रेखा क्या बताती है?](https://www.hinducalendar.today/posts/life-line-palmistry-meaning-and-signs)

Share:

[More daily updates](https://www.hinducalendar.today/)

## Today's Vedic Glance

Oct 26

Tithi: Shukla Purnima

Nakshatra: Ashwini

Abhijit Muhurat: 11:36 AM – 12:21 PM

Rahu Kaal: 07:42 AM – 09:07 AM

[View Full Daily Panchang →](https://www.hinducalendar.today/dainika-panchang)

Vedic Timings Drik

## Check Shubha Choghadiya & Rahu Kaal

Plan meetings, journeys, and daily undertakings according to auspicious planetary hours.

[Open Choghadiya Table](https://www.hinducalendar.today/muhurat/choghadiya)
