# करवा चौथ पर सिर्फ निर्जला व्रत रखना ही काफी नहीं

> हिंदू धर्म में करवा चौथ का व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, जिसमें अखंड सौभाग्य की प्राप्ति के लिए महिलाएं निर्जला उपवास रखती हैं।

Source: https://www.hinducalendar.today/posts/karwa-chauth-rules-traditions-sargi-shringar

प्रकाशित: Friday, 23 October 2026

3 मिनट में पढ़ें

हिंदू धर्म में करवा चौथ का व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, जिसमें अखंड सौभाग्य की प्राप्ति के लिए महिलाएं निर्जला उपवास रखती हैं। करवा चौथ के दिन केवल भूखे रहना ही काफी नहीं होता, बल्कि सरगी ग्रहण करने, सोलह श्रृंगार करने और कथा सुनने जैसे पारंपरिक नियमों का पालन करना भी अनिवार्य माना गया है।

## करवा चौथ की सरगी खाने का सही समय क्या है?

करवा चौथ के व्रत की शुरुआत सूर्योदय से पहले सरगी के साथ होती है। सास द्वारा दी जाने वाली इस सरगी में फल, मेवे, मिठाइयां, सुहाग का सामान और कपड़े शामिल होते हैं। इसे सूर्योदय से पहले ही खा लेना चाहिए ताकि पूरे दिन शरीर में ऊर्जा बनी रहे।

> ध्यान दें

> वैदिक पंचांग के अनुसार करवा चौथ 29 अक्टूबर को मनाया जाएगा। पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 05 बजकर 54 मिनट से शाम 07 बजकर 10 मिनट तक रहेगा और चंद्रोदय रात 08 बजकर 39 मिनट पर होगा।

## करवा चौथ के दिन किन-किन देवी-देवताओं की पूजा की जाती है?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन शिव परिवार और करवा माता की विधि-विधान से पूजा की जाती है। पूजा के दौरान माता पार्वती, भगवान शिव, गणेश, कार्तिकेय और करवा माता का स्मरण किया जाता है। पूजा के समय मिट्टी का करवा रखना विशेष रूप से महत्वपूर्ण होता है।

## करवा चौथ की व्रत कथा कब और कैसे सुननी चाहिए?

व्रत के दौरान करवा चौथ की कथा का पाठ करना या सुनना बेहद जरूरी माना गया है। धार्मिक मान्यता के अनुसार कथा सुने बिना यह व्रत अधूरा रहता है। सुहागिन महिलाओं को मिलकर सामूहिक रूप से यह कथा सुननी चाहिए और पूजा के बाद मिट्टी के करवे का दान सास या किसी सुहागिन महिला को करना चाहिए।

## पूजा के दौरान मुख किस दिशा में होना चाहिए?

शास्त्रों में व्रत और पूजा से जुड़े कई नियमों का विस्तार से उल्लेख किया गया है। पूजा करते समय महिलाओं को दिशा और आसन का विशेष ध्यान रखना चाहिए, ताकि व्रत का पूरा पुण्य प्राप्त हो सके।

## करवा चौथ की थाली में क्या-क्या सामग्री रखनी चाहिए?

इस दिन सुहागिन महिलाओं के लिए सोलह श्रृंगार करने का विशेष विधान है। सोलह श्रृंगार में हाथों में मेहंदी लगाना, सिंदूर, मंगलसूत्र, बिंदी, चूड़ियां और पैरों में महावर पहनना शामिल है। ऐसा माना जाता है कि श्रृंगार के बिना यह व्रत अधूरा रह जाता है।

## चांद देखने और अर्घ्य देने की सही विधि क्या है?

यह व्रत सूर्योदय से लेकर चंद्रोदय तक पूरी तरह निर्जला रखा जाता है। रात को चंद्रमा के दर्शन करने और उन्हें अर्घ्य देने के बाद ही व्रत खोला जाता है। इस दौरान अन्न और जल का सेवन वर्जित होता है।

| विवरण | समय / तिथि |
| --- | --- |
| चतुर्थी तिथि आरंभ | 29 अक्टूबर को रात 01 बजकर 06 मिनट |
| चतुर्थी तिथि समापन | 29 अक्टूबर को रात 10 बजकर 09 मिनट |
| पूजा का शुभ मुहूर्त | शाम 05:54 से शाम 07:10 तक |
| चंद्रोदय का समय | रात 08 बजकर 39 मिनट |

## यदि पहली बार व्रत है तो किन विशेष नियमों का पालन करना चाहिए?

पहली बार व्रत रखने वाली महिलाओं को सरगी के नियमों, निर्जला उपवास, सोलह श्रृंगार और कथा श्रवण की परंपराओं का सख्ती से पालन करना चाहिए। यदि किसी स्वास्थ्य समस्या के कारण कठिनाई हो, तो व्रत रखने से पहले डॉक्टर या योग्य विशेषज्ञ की सलाह जरूर लेनी चाहिए।

## यह भी देखें

- [करवा चौथ](https://www.hinducalendar.today/festivals/karwa-chauth)
- [गणेश चतुर्थी](https://www.hinducalendar.today/festivals/ganesh-chaturthi)
- [महाशिवरात्रि](https://www.hinducalendar.today/festivals/maha-shivaratri)
- [आज का पंचांग](https://www.hinducalendar.today/dainika-panchang)

## और पढ़ें

- [करवा चौथ व्रत के दिन पीरियड्स आ जाएं तो क्या करें?](https://www.hinducalendar.today/posts/karwa-chauth-fast-during-periods-rules)
- [शरद पूर्णिमा की खीर कब खानी चाहिए?](https://www.hinducalendar.today/posts/sharad-purnima-kheer-consumption-time)
- [पापांकुशा एकादशी का क्या महत्व है?](https://www.hinducalendar.today/posts/papankusha-ekadashi-significance-rules-worship)
- [करवा की टोंटी में क्यों लगाई जाती हैं सींकें?](https://www.hinducalendar.today/posts/why-seken-used-in-karwa-chauth)
- [दशहरा 2026: रावण दहन समय और शस्त्र पूजन मुहूर्त](https://www.hinducalendar.today/posts/dussehra-2026-ravan-dahan-muhurat-shastra-puja)
- [प्रदोष काल में ही क्यों होती है महादेव की पूजा? जानिए महत्व](https://www.hinducalendar.today/posts/why-shiva-worshiped-in-pradosh-kaal)

Share:

[More daily updates](https://www.hinducalendar.today/)

## Today's Vedic Glance

Oct 24

Tithi: Shukla Trayodashi

Nakshatra: Uttara Bhadrapada

Abhijit Muhurat: 11:36 AM – 12:22 PM

Rahu Kaal: 09:07 AM – 10:33 AM

[View Full Daily Panchang →](https://www.hinducalendar.today/dainika-panchang)

Vedic Timings Drik

## Check Shubha Choghadiya & Rahu Kaal

Plan meetings, journeys, and daily undertakings according to auspicious planetary hours.

[Open Choghadiya Table](https://www.hinducalendar.today/muhurat/choghadiya)
