# कन्या पूजन में कन्याओं को क्या खिलाएं और क्या दें उपहार?

> शारदीय नवरात्र की महाअष्टमी और महानवमी पर कन्या पूजन के दौरान कन्याओं को सूजी या आटे का हलवा, पूरी और काले चने की सब्जी खिलाना सबसे शुभ माना जाता है। इसके अलावा उन्हें लाल चुनरी, शृंगार का सामान और शिक्षा से जुड़ी वस्तुएं उपहार में दी जाती हैं।

Source: https://www.hinducalendar.today/posts/kanya-pujan-food-and-gifts-rules

प्रकाशित: Saturday, 17 October 2026

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शारदीय नवरात्र की महाअष्टमी और महानवमी पर कन्या पूजन के दौरान कन्याओं को सूजी या आटे का हलवा, पूरी और काले चने की सब्जी खिलाना सबसे शुभ माना जाता है। इसके अलावा उन्हें लाल चुनरी, शृंगार का सामान और शिक्षा से जुड़ी वस्तुएं उपहार में दी जाती हैं।

## कन्या पूजन में कन्याओं को क्या खिलाना चाहिए?

कन्या पूजन के दिन कन्याओं को सात्विक भोजन कराना चाहिए। भोजन में मुख्य रूप से निम्नलिखित चीजें शामिल होती हैं:

- सूजी या आटे का हलवा
- गरमा-गरम पूरी
- काले चने की सब्जी
- इसके अलावा खीर, फल और मिठाई खिलाना भी उत्तम माना जाता है।

## कन्या पूजन में क्या उपहार देना चाहिए?

कन्याओं को प्रसन्न करने और मां दुर्गा का आशीर्वाद पाने के लिए उपहार में कई चीजें दी जा सकती हैं। उपहार के रूप में ये वस्तुएं दी जाती हैं:

- लाल चुनरी और शृंगार का सामान
- स्टील के छोटे बर्तन
- पढ़ाई से जुड़ी चीजें जैसे पेन, पेंसिल बॉक्स और रंग
- पूजन के अंत में अपनी सामर्थ्य के अनुसार दक्षिणा जरूर दें।

## कन्या पूजन में कितनी कन्याओं और किस आयु की बच्चियों को बुलाना चाहिए?

महाअष्टमी और महानवमी के दिन कन्या पूजन में 9 कन्याओं का होना सबसे शुभ माना जाता है। इन 9 कन्याओं को मां दुर्गा के नौ स्वरूपों का प्रतीक माना जाता है।

## क्या कन्या पूजन के साथ एक बालक को भी बिठाना जरूरी है?

धार्मिक परंपरा के अनुसार कन्या पूजन में 9 कन्याओं के साथ एक बालक को भी अवश्य शामिल करना चाहिए। इस बालक को बटुक भैरव का स्वरूप माना जाता है।

## महाअष्टमी और महानवमी 2026 की तिथियां क्या हैं?

वैदिक पंचांग के अनुसार महाअष्टमी और महानवमी की तिथियां इस प्रकार रहेंगी:

- **आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि की शुरुआत:** 18 अक्टूबर को सुबह 08 बजकर 27 मिनट पर
- **अष्टमी तिथि का समापन:** 19 अक्टूबर को सुबह 10 बजकर 51 मिनट पर (उदया तिथि के अनुसार 18 अक्टूबर को मनाई जाएगी)
- **आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि की शुरुआत:** 19 अक्टूबर को सुबह 10 बजकर 51 मिनट पर
- **नवमी तिथि का समापन:** 20 अक्टूबर को दोपहर 12 बजकर 50 मिनट पर (महानवमी 19 अक्टूबर को मनाई जाएगी)

> शुभ मुहूर्त और तिथियों का ध्यान रखते हुए महाअष्टमी और महानवमी के दिन विधि-विधान से मां दुर्गा की पूजा करें और कन्याओं को आदर सहित भोजन व उपहार प्रदान करें।

## यह भी देखें

- [महानवमी: तिथि और पूजा](https://www.hinducalendar.today/festivals/maha-navami)
- [आज का चौघड़िया](https://www.hinducalendar.today/muhurat/choghadiya)
- [आज का पंचांग](https://www.hinducalendar.today/dainika-panchang)

## और पढ़ें

- [कन्या पूजन में किस बर्तन में खाना खिलाएं?](https://www.hinducalendar.today/posts/kanya-pujan-best-utensils-for-serving-prasad)
- [कन्या पूजन 2026: अष्टमी और नवमी की सही तिथि, मुहूर्त और विधि](https://www.hinducalendar.today/posts/kanya-pujan-2026-muhurat-vidhi)
- [नवरात्र कन्या भोज में बटुक को शामिल करने की परंपरा क्यों है?](https://www.hinducalendar.today/posts/navratri-kanya-bhoj-batuk-tradition-significance)
- [कन्या पूजन 2026: हलवा, पूड़ी और चने के बिना क्यों अधूरी मानी जाती है मां दुर्गा की पूजा?](https://www.hinducalendar.today/posts/kanya-pujan-halwa-puri-chana-significance)
- [महाअष्टमी पर सुबह, शाम या रात कब करें हवन? जानें शुभ मुहूर्त और सरल विधि](https://www.hinducalendar.today/posts/maha-ashtami-ha-wan-timing-and-vidhi)
- [मन की अशांति और दुखों से छुटकारा दिलाएगी अष्टावक्र गीता](https://www.hinducalendar.today/posts/astavakra-gita-teachings-for-inner-peace-and-sorrow)

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