# यूपी में दशहरे पर क्यों देखी जाती है दही-मछली?

> उत्तर प्रदेश के लखनऊ, कानपुर, झांसी और रामपुर जैसे शहरों में विजयादशमी के अवसर पर दही और मछली देखने की एक अनूठी परंपरा निभाई जाती है।

Source: https://www.hinducalendar.today/posts/dahi-machhli-tradition-on-dussehra-uttar-pradesh

प्रकाशित: Friday, 16 October 2026

2 मिनट में पढ़ें

उत्तर प्रदेश के लखनऊ, कानपुर, झांसी और रामपुर जैसे शहरों में विजयादशमी के अवसर पर दही और मछली देखने की एक अनूठी परंपरा निभाई जाती है। इस दिन लोग दही, मछली और चांदी के सिक्के के दर्शन करके अपने दिन की शुरुआत करते हैं, जिसे धार्मिक मान्यता के अनुसार बहुत शुभ माना जाता है।

## दशहरे के दिन दही और मछली देखने की परंपरा क्यों है?

दशहरे के दिन दही, मछली और चांदी के सिक्के के दर्शन करने की परंपरा उत्तर प्रदेश के कई प्रमुख शहरों में वर्षों से चली आ रही है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, विजयादशमी के दिन सुबह-सुबह इन तीनों चीजों के दर्शन करने से आने वाले वर्ष में घर-परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है। लोग इसे कामकाज में सफलता और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा के आगमन का संकेत मानते हैं।

## यूपी के किन शहरों में विजयादशमी पर दही-मछली देखने का चलन है?

यह अनोखी परंपरा उत्तर प्रदेश के चुनिंदा शहरों में विशेष रूप से निभाई जाती है।

- लखनऊ
- कानपुर
- झांसी
- रामपुर

## दशहरे पर दही, मछली और चांदी के सिक्के के दर्शन का क्या महत्व है?

इस रस्म में शामिल तीनों ही तत्वों का सनातन संस्कृति में विशेष स्थान और प्रतीकात्मक महत्व है।

- **मछली:** इसे भगवान विष्णु के प्रथम मत्स्य अवतार से जोड़कर देखा जाता है, जो जीवन की रक्षा और निरंतरता का प्रतीक है।
- **दही:** इसे शुभ शुरुआत, शीतलता और सकारात्मकता का कारक माना जाता है।
- **चांदी का सिक्का:** इसे शुद्धता, संपन्नता और आर्थिक खुशहाली की कामना का प्रतीक माना गया है।
- **दर्शन का नियम:** इस परंपरा में इन चीजों का सेवन नहीं किया जाता, बल्कि केवल इनके दर्शन करने का विधान है।

> शुभ परंपरा

> उत्तर प्रदेश की इस प्राचीन संस्कृति में दही और मछली को खाना अनिवार्य नहीं है, बल्कि विजयादशमी की सुबह इन्हें केवल देखना सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है।

## विजयादशमी के दिन नीलकंठ पक्षी के अलावा और क्या देखना शुभ होता है?

विजयदशमी के दिन बुराई पर अच्छाई की जीत का जश्न मनाया जाता है और लोग जीवन में सकारात्मक बदलाव का संकल्प लेते हैं। इस दिन नीलकंठ पक्षी के दर्शन के साथ-साथ दही, मछली और चांदी के सिक्के देखने की परंपरा भी लोगों को सौभाग्य और सफलता से जोड़ती है।

## यह भी देखें

- [दशहरा: तिथि और महत्व](https://www.hinducalendar.today/festivals/dussehra)
- [आज का पंचांग](https://www.hinducalendar.today/dainika-panchang)

## और पढ़ें

- [दशहरे पर नीलकंठ पक्षी के दर्शन करना क्यों शुभ माना जाता है?](https://www.hinducalendar.today/posts/why-nilkanth-bird-seen-on-dussehra)
- [कब से शुरू होगा कार्तिक माह 2026? जानें सही तिथि और महत्व](https://www.hinducalendar.today/posts/kartik-month-2026-start-date-significance)
- [संधि पूजा कब है 2026? नोट करें सही तारीख, मुहूर्त और महत्व](https://www.hinducalendar.today/posts/sandhi-puja-date-muhurat-significance-2026)
- [दशहरे के दिन शस्त्र पूजा क्यों होती है जरूरी?](https://www.hinducalendar.today/posts/dussehra-shastra-puja-significance-rules)
- [हस्तरेखा शास्त्र में मछली का निशान होने का क्या मतलब होता है?](https://www.hinducalendar.today/posts/fish-sign-palmistry-meaning-wealth)
- [मां दुर्गा को सर्वमंगला क्यों कहा जाता है?](https://www.hinducalendar.today/posts/why-maa-durga-is-called-sarvamangala)

Share:

[More daily updates](https://www.hinducalendar.today/)

## Today's Vedic Glance

Oct 16

Tithi: Shukla Shashthi

Nakshatra: Jyeshtha

Abhijit Muhurat: 11:37 AM – 12:23 PM

Rahu Kaal: 10:33 AM – 12:00 PM

[View Full Daily Panchang →](https://www.hinducalendar.today/dainika-panchang)

Vedic Timings Drik

## Check Shubha Choghadiya & Rahu Kaal

Plan meetings, journeys, and daily undertakings according to auspicious planetary hours.

[Open Choghadiya Table](https://www.hinducalendar.today/muhurat/choghadiya)
