# शुभ मुहूर्त 2026: विवाह, घर, वाहन

> विवाह, गृह प्रवेश, संपत्ति और वाहन खरीद के शुभ मुहूर्त की तिथियाँ और सटीक समय, आपके शहर के लिए सूर्य-चंद्र की स्थिति से गणना।

Source: https://www.hinducalendar.today/hi/shubh-dates

## अभी मुहूर्त देखें

ये चारों आपके शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, महीने-दर-महीने निकाले जाते हैं।

लोकप्रिय

### विवाह मुहूर्त

आपके शहर के लिए सटीक आरंभ और अंत समय के साथ विवाह की तिथियाँ: चातुर्मास, खरमास, गुरु-शुक्र अस्त और अधिक मास छोड़कर।

[विवाह की तिथियाँ देखें](https://www.hinducalendar.today/hi/shubh-dates/shubh-marriage-dates-with-muhurat/2026/october)

### गृह प्रवेश

आपके शहर के लिए गृह प्रवेश की तिथियाँ और समय: उचित मास, नक्षत्र और तिथि, गुरु-शुक्र अस्त छोड़कर।

[गृह प्रवेश की तिथियाँ देखें](https://www.hinducalendar.today/hi/shubh-dates/griha-pravesh-dates-with-muhurat/2026/october)

### संपत्ति खरीद

भूमि, फ्लैट या दुकान खरीदने और रजिस्ट्री के लिए गुरुवार-शुक्रवार की तिथियाँ और शुभ नक्षत्र के समय।

[संपत्ति की तिथियाँ देखें](https://www.hinducalendar.today/hi/shubh-dates/property-registration-auspicious-dates/2026/october)

### वाहन खरीद

कार, बाइक या कोई भी वाहन खरीदने की तिथियाँ और समय: शुभ नक्षत्र व तिथि, मंगलवार-शनिवार व पितृ पक्ष छोड़कर।

[वाहन की तिथियाँ देखें](https://www.hinducalendar.today/hi/shubh-dates/vehicle-buying-auspicious-dates-with-muhurat/2026/october)

## वैदिक ज्योतिष में शुभ तिथियों का महत्व

शुद्ध पंचांग के अंग

तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण के मेल से शुभ ग्रह-स्थिति बनती है, जिससे हर कार्य बिना बाधा के पूरा हो।

उदय लग्न का बल

उदय होता लग्न मुहूर्त की नींव है। केंद्र और त्रिकोण में स्थित शुभ ग्रह दीर्घकालीन समृद्धि देते हैं।

दोषों का निवारण

राहु काल, भद्रा और पंचक जैसे दोषों को छोड़ देने से पूरे परिवार को शांतिपूर्ण और समृद्ध फल मिलते हैं।

## शुभ मुहूर्त: सामान्य प्रश्न

ये मुहूर्त तिथियाँ कैसे निकाली जाती हैं?

ये आपके स्थान के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से निकाली जाती हैं: तिथि, नक्षत्र, योग, करण, वार और चंद्र मास, साथ ही यह कि बृहस्पति (गुरु) और शुक्र दिखाई देते हैं या नहीं। तिथियों की किसी सूची से कुछ नहीं लिया जाता। हम परिणामों को द्रिक पंचांग से मिलाते हैं, और हर पृष्ठ अपने नियम बताता है।

विवाह के लिए कौन-से महीने छोड़े जाते हैं?

चातुर्मास (आषाढ़ शुक्ल एकादशी से कार्तिक शुक्ल एकादशी तक), अधिक मास, और वे दिन जब सूर्य कर्क, सिंह, कन्या, धनु या मीन में होता है, जिनमें खरमास भी आता है।

गुरु और शुक्र अस्त क्या है?

बृहस्पति और शुक्र जब सूर्य के पास दिखाई नहीं देते तो उन्हें अस्त कहा जाता है। तब विवाह और गृह प्रवेश आरंभ नहीं किए जाते, और उनके अस्त होने से ३ दिन पहले तथा उदय होने के ३ दिन बाद तक भी टाले जाते हैं।

समय के साथ "अगला दिन" क्यों लिखा होता है?

पंचांग का दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। मध्यरात्रि के बाद का समय भी उसी दिन का माना जाता है जो पिछले सूर्योदय से शुरू हुआ था, इसलिए उस पर अगला दिन लिखा जाता है।

क्या हर शहर में तिथियाँ एक जैसी होती हैं?

हमेशा नहीं। किसी समय सूर्योदय और चंद्रमा की स्थिति स्थान पर निर्भर करती है, इसलिए समय कुछ मिनट खिसकते हैं और कभी किसी दिन का मुहूर्त जुड़ या घट जाता है। हर पृष्ठ पर अपना शहर चुनें।

अभी कौन-से संस्कार देखे जा सकते हैं?

विवाह, गृह प्रवेश, संपत्ति खरीद और वाहन खरीद। सूची के बाकी संस्कार तैयार किए जा रहे हैं।
