# शुक्ल पक्ष षष्ठी तिथि

> २०२६ में हर शुक्ल पक्ष षष्ठी तिथि: तारीख और वार, तथा आपके स्थान पर आरंभ और समाप्ति का समय (जब तक आप चुनें, भारत)।

Source: https://www.hinducalendar.today/hi/panchang/tithi/daily/shukla-shashthi-date-time

शुक्ल पक्ष • तिथि ०६ · ६०°–७२°

शुक्ल पक्ष षष्ठी बढ़ते पखवाड़े (शुक्ल पक्ष) की तिथि संख्या ६ है। यह तब आरंभ होती है जब चंद्रमा सूर्य से ६०° आगे होता है और ७२° पर समाप्त होती है। युद्ध के देवता कार्तिकेय को समर्पित, उन्हीं की उपासना के लिए रखा गया। नंदा तिथि आनंददायक होती है, उत्सवों, पर्वों और कलात्मक कार्य के आरंभ के लिए अनुकूल।

अगली बार ३:२५ पूर्वाह्न, १६ अक्टू॰

देवता कार्तिकेय (स्कंद)

श्रेणी नंदा तिथि

स्वभाव यश प्रदा (ख्याति व सम्मान)

आरंभ शुक्र, १६ अक्टू॰, ३:२५ पूर्वाह्न

समाप्ति शनि, १७ अक्टू॰, ५:५४ पूर्वाह्न

सूर्योदय पर शुक्र, १६ अक्टू॰, ६:११ पूर्वाह्न

अमृत योग कोई नहीं

## २०२६ का मासिक कार्यक्रम

स्थान: भारत · वर्ष: २०२६

२४ शनि

### जनवरी २०२६

आरंभ: १:४६ पूर्वाह्न, २४ जन॰

समाप्ति: १२:४० पूर्वाह्न, २५ जन॰

२२ रवि

### फ़रवरी २०२६

आरंभ: ११:१० पूर्वाह्न, २२ फ़र॰

समाप्ति: ९:०९ पूर्वाह्न, २३ फ़र॰

२३ सोम

### मार्च २०२६

आरंभ: ६:३८ अपराह्न, २३ मार्च

समाप्ति: ४:०८ अपराह्न, २४ मार्च

२२ बुध

### अप्रैल २०२६

आरंभ: १:२० पूर्वाह्न, २२ अप्रैल

समाप्ति: १०:४९ अपराह्न, २२ अप्रैल

२१ गुरु

### मई २०२६

आरंभ: ८:२७ पूर्वाह्न, २१ मई

समाप्ति: ६:२४ पूर्वाह्न, २२ मई

१९ शुक्र

### जून २०२६

आरंभ: ५:०० अपराह्न, १९ जून

समाप्ति: ३:४७ अपराह्न, २० जून

१९ रवि

### जुलाई २०२६

आरंभ: ३:४३ पूर्वाह्न, १९ जुल॰

समाप्ति: ३:३० पूर्वाह्न, २० जुल॰

१७ सोम

### अगस्त २०२६

आरंभ: ५:०० अपराह्न, १७ अग॰

समाप्ति: ५:५१ अपराह्न, १८ अग॰

१६ बुध

### सितंबर २०२६

आरंभ: ८:५९ पूर्वाह्न, १६ सित॰

समाप्ति: १०:४८ पूर्वाह्न, १७ सित॰

१६ शुक्र

### अक्टूबर २०२६

वर्तमान माह

आरंभ: ३:२५ पूर्वाह्न, १६ अक्टू॰

समाप्ति: ५:५४ पूर्वाह्न, १७ अक्टू॰

१४ शनि

### नवंबर २०२६

आरंभ: ११:२४ अपराह्न, १४ नव॰

समाप्ति: २:०१ पूर्वाह्न, १६ नव॰

१४ सोम

### दिसंबर २०२६

आरंभ: ७:१६ अपराह्न, १४ दिस॰

समाप्ति: ९:१९ अपराह्न, १५ दिस॰

समय आपके चुने हुए स्थान के अनुसार निकाले गए हैं (जब तक आप कोई स्थान न चुनें, भारत के लिए)। अपने स्थान के पूरे दिन के लिए दैनिक पंचांग खोलें।
