# शुक्ल पक्ष सप्तमी तिथि

> २०२६ में हर शुक्ल पक्ष सप्तमी तिथि: तारीख और वार, तथा आपके स्थान पर आरंभ और समाप्ति का समय (जब तक आप चुनें, भारत)।

Source: https://www.hinducalendar.today/hi/panchang/tithi/daily/shukla-saptami-date-time

शुक्ल पक्ष • तिथि ०७ · ७२°–८४°

शुक्ल पक्ष सप्तमी बढ़ते पखवाड़े (शुक्ल पक्ष) की तिथि संख्या ७ है। यह तब आरंभ होती है जब चंद्रमा सूर्य से ७२° आगे होता है और ८४° पर समाप्त होती है। सूर्य देव को समर्पित, स्वास्थ्य और ऊर्जा से जुड़ा। भद्रा तिथि अधिकांश शुभ कार्यों के लिए अच्छी मानी जाती है, इसलिए इसे अनुकूल दिनों में गिना जाता है।

अगली बार ५:५४ पूर्वाह्न, १७ अक्टू॰

देवता सूर्य

श्रेणी भद्रा तिथि

स्वभाव मित्र प्रदा (मैत्री व सौहार्द)

आरंभ शनि, १७ अक्टू॰, ५:५४ पूर्वाह्न

समाप्ति रवि, १८ अक्टू॰, ८:२८ पूर्वाह्न

सूर्योदय पर शनि, १७ अक्टू॰, ६:१२ पूर्वाह्न · रवि, १८ अक्टू॰, ६:१२ पूर्वाह्न

अमृत योग कोई नहीं

## २०२६ का मासिक कार्यक्रम

स्थान: भारत · वर्ष: २०२६

२५ रवि

### जनवरी २०२६

आरंभ: १२:४० पूर्वाह्न, २५ जन॰

समाप्ति: ११:१० अपराह्न, २५ जन॰

२३ सोम

### फ़रवरी २०२६

आरंभ: ९:०९ पूर्वाह्न, २३ फ़र॰

समाप्ति: ७:०२ पूर्वाह्न, २४ फ़र॰

२४ मंगल

### मार्च २०२६

आरंभ: ४:०८ अपराह्न, २४ मार्च

समाप्ति: १:५० अपराह्न, २५ मार्च

२२ बुध

### अप्रैल २०२६

आरंभ: १०:४९ अपराह्न, २२ अप्रैल

समाप्ति: ८:४९ अपराह्न, २३ अप्रैल

२२ शुक्र

### मई २०२६

आरंभ: ६:२४ पूर्वाह्न, २२ मई

समाप्ति: ५:०४ पूर्वाह्न, २३ मई

२० शनि

### जून २०२६

आरंभ: ३:४७ अपराह्न, २० जून

समाप्ति: ३:२१ अपराह्न, २१ जून

२० सोम

### जुलाई २०२६

आरंभ: ३:३० पूर्वाह्न, २० जुल॰

समाप्ति: ४:०३ पूर्वाह्न, २१ जुल॰

१८ मंगल

### अगस्त २०२६

आरंभ: ५:५१ अपराह्न, १८ अग॰

समाप्ति: ७:१९ अपराह्न, १९ अग॰

१७ गुरु

### सितंबर २०२६

आरंभ: १०:४८ पूर्वाह्न, १७ सित॰

समाप्ति: १:०१ अपराह्न, १८ सित॰

१७ शनि

### अक्टूबर २०२६

वर्तमान माह

आरंभ: ५:५४ पूर्वाह्न, १७ अक्टू॰

समाप्ति: ८:२८ पूर्वाह्न, १८ अक्टू॰

१६ सोम

### नवंबर २०२६

आरंभ: २:०१ पूर्वाह्न, १६ नव॰

समाप्ति: ४:२० पूर्वाह्न, १७ नव॰

१५ मंगल

### दिसंबर २०२६

आरंभ: ९:१९ अपराह्न, १५ दिस॰

समाप्ति: १०:४६ अपराह्न, १६ दिस॰

समय आपके चुने हुए स्थान के अनुसार निकाले गए हैं (जब तक आप कोई स्थान न चुनें, भारत के लिए)। अपने स्थान के पूरे दिन के लिए दैनिक पंचांग खोलें।
