# शुक्ल पक्ष द्वादशी तिथि

> २०२६ में हर शुक्ल पक्ष द्वादशी तिथि: तारीख और वार, तथा आपके स्थान पर आरंभ और समाप्ति का समय (जब तक आप चुनें, भारत)।

Source: https://www.hinducalendar.today/hi/panchang/tithi/daily/shukla-dwadashi-date-time

शुक्ल पक्ष • तिथि १२ · १३२°–१४४°

शुक्ल पक्ष द्वादशी बढ़ते पखवाड़े (शुक्ल पक्ष) की तिथि संख्या १२ है। यह तब आरंभ होती है जब चंद्रमा सूर्य से १३२° आगे होता है और १४४° पर समाप्त होती है। एकादशी के बाद का दिन, जब व्रत खोला (पारण) जाता है और अन्न व दान दिया जाता है। भद्रा तिथि अधिकांश शुभ कार्यों के लिए अच्छी मानी जाती है, इसलिए इसे अनुकूल दिनों में गिना जाता है।

अगली बार २:४८ अपराह्न, २२ अक्टू॰

देवता विष्णु

श्रेणी भद्रा तिथि

स्वभाव यश प्रदा (ख्याति व सम्मान)

आरंभ गुरु, २२ अक्टू॰, २:४८ अपराह्न

समाप्ति शुक्र, २३ अक्टू॰, २:३६ अपराह्न

सूर्योदय पर शुक्र, २३ अक्टू॰, ६:१५ पूर्वाह्न

अमृत योग कोई नहीं

## २०२६ का मासिक कार्यक्रम

स्थान: भारत · वर्ष: २०२६

२९ गुरु

### जनवरी २०२६

आरंभ: १:५५ अपराह्न, २९ जन॰

समाप्ति: ११:०९ पूर्वाह्न, ३० जन॰

२७ शुक्र

### फ़रवरी २०२६

आरंभ: १०:३३ अपराह्न, २७ फ़र॰

समाप्ति: ८:४३ अपराह्न, २८ फ़र॰

२९ रवि

### मार्च २०२६

आरंभ: ७:४६ पूर्वाह्न, २९ मार्च

समाप्ति: ७:१० पूर्वाह्न, ३० मार्च

२७ सोम

### अप्रैल २०२६

आरंभ: ६:१६ अपराह्न, २७ अप्रैल

समाप्ति: ६:५२ अपराह्न, २८ अप्रैल

२७ बुध

### मई २०२६

आरंभ: ६:२२ पूर्वाह्न, २७ मई

समाप्ति: ७:५७ पूर्वाह्न, २८ मई

२५ गुरु

### जून २०२६

आरंभ: ८:०९ अपराह्न, २५ जून

समाप्ति: १०:२२ अपराह्न, २६ जून

२५ शनि

### जुलाई २०२६

आरंभ: ११:३४ पूर्वाह्न, २५ जुल॰

समाप्ति: १:५८ अपराह्न, २६ जुल॰

२४ सोम

### अगस्त २०२६

आरंभ: ४:१९ पूर्वाह्न, २४ अग॰

समाप्ति: ६:२१ पूर्वाह्न, २५ अग॰

२२ मंगल

### सितंबर २०२६

आरंभ: ९:४३ अपराह्न, २२ सित॰

समाप्ति: १०:५० अपराह्न, २३ सित॰

२२ गुरु

### अक्टूबर २०२६

वर्तमान माह

आरंभ: २:४८ अपराह्न, २२ अक्टू॰

समाप्ति: २:३६ अपराह्न, २३ अक्टू॰

२१ शनि

### नवंबर २०२६

आरंभ: ६:३१ पूर्वाह्न, २१ नव॰

समाप्ति: ४:५६ पूर्वाह्न, २२ नव॰

२० रवि

### दिसंबर २०२६

आरंभ: ८:१४ अपराह्न, २० दिस॰

समाप्ति: ५:३६ अपराह्न, २१ दिस॰

समय आपके चुने हुए स्थान के अनुसार निकाले गए हैं (जब तक आप कोई स्थान न चुनें, भारत के लिए)। अपने स्थान के पूरे दिन के लिए दैनिक पंचांग खोलें।
