# विशाखा

> विशाखा का अर्थ और हिंदू पंचांग में पारंपरिक महत्व जानें। पंचांग की गणना और कैलेंडर में इसके स्थान की जानकारी पढ़ें।

Source: https://www.hinducalendar.today/hi/panchang/nakshatra/vishaka

२७ नक्षत्र मंडल

१६

विशाखा भचक्र का १६वाँ नक्षत्र है। इसके अधिपति देव इंद्र व अग्नि देव और स्वामी ग्रह बृहस्पति (गुरु) हैं।

अधिष्ठाता देवता इंद्र व अग्नि देव

स्वामी ग्रह बृहस्पति (गुरु)

प्रकृति मिश्र / साधारण (लक्ष्य-केंद्रित)

तत्व वायु व जल तत्त्व

प्रतीक तोरण द्वार / कुंभकार चक्र

शुभ / अनुकूल

- अग्नि, वेल्डिंग और पिघलाने के कार्य
- गैस संबंधी कार्य और फैब्रिकेशन
- औषधियाँ तैयार करना
- अग्निहोत्र

प्रतिकूल

- विवाह के लिए शुभ माने गए नक्षत्रों में नहीं है।
- गृह प्रवेश के लिए शुभ माने गए नक्षत्रों में नहीं है।
