# उत्तराफाल्गुनी

> उत्तराफाल्गुनी का अर्थ और हिंदू पंचांग में पारंपरिक महत्व जानें। पंचांग की गणना और कैलेंडर में इसके स्थान की जानकारी पढ़ें।

Source: https://www.hinducalendar.today/hi/panchang/nakshatra/uttara-phalguni

२७ नक्षत्र मंडल

१२

उत्तराफाल्गुनी भचक्र का १२वाँ नक्षत्र है। इसके अधिपति देव अर्यमा (सद्भाव व मित्रता) और स्वामी ग्रह सूर्य हैं।

अधिष्ठाता देवता अर्यमा (सद्भाव व मित्रता)

स्वामी ग्रह सूर्य

प्रकृति ध्रुव / स्थिर (स्थिर व श्रेष्ठ)

तत्व अग्नि व पृथ्वी तत्त्व

प्रतीक शय्या पश्चात्पाद

शुभ / अनुकूल

- नींव रखना
- कुआँ खोदना
- घर बनाना
- उपनयन
- कृषि
- सेवा आरंभ करना
- विवाह के लिए शुभ माने गए नक्षत्रों में गिना जाता है।
- गृह प्रवेश, यानी नए घर में पहले प्रवेश, के लिए शुभ माने गए नक्षत्रों में गिना जाता है।

प्रतिकूल

- अनेक ज्योतिषी विवाह के लिए इससे बचते हैं, क्योंकि इसमें विवाह के बाद राम और सीता को कष्ट झेलने पड़े थे।
