# स्वाति

> स्वाति का अर्थ और हिंदू पंचांग में पारंपरिक महत्व जानें। पंचांग की गणना और कैलेंडर में इसके स्थान की जानकारी पढ़ें।

Source: https://www.hinducalendar.today/hi/panchang/nakshatra/swathi

२७ नक्षत्र मंडल

१५

स्वाति भचक्र का १५वाँ नक्षत्र है। इसके अधिपति देव वायु देव (पवन देव) और स्वामी ग्रह राहु हैं।

अधिष्ठाता देवता वायु देव (पवन देव)

स्वामी ग्रह राहु

प्रकृति चर / चल (गतिशील व स्वतंत्र)

तत्व वायु तत्त्व

प्रतीक पवन-कंपित अंकुर

शुभ / अनुकूल

- यात्राएँ
- वाहनों, घोड़ों और हाथियों की सवारी
- गति की आवश्यकता वाला कोई भी कार्य
- विवाह के लिए शुभ माने गए नक्षत्रों में गिना जाता है।

प्रतिकूल

- गृह प्रवेश के लिए शुभ माने गए नक्षत्रों में नहीं है।
