# रोहिणी

> रोहिणी का अर्थ और हिंदू पंचांग में पारंपरिक महत्व जानें। पंचांग की गणना और कैलेंडर में इसके स्थान की जानकारी पढ़ें।

Source: https://www.hinducalendar.today/hi/panchang/nakshatra/rohini

२७ नक्षत्र मंडल

०४

रोहिणी भचक्र का ४वाँ नक्षत्र है। इसके अधिपति देव भगवान ब्रह्मा (प्रजापति) और स्वामी ग्रह चंद्रमा हैं।

अधिष्ठाता देवता भगवान ब्रह्मा (प्रजापति)

स्वामी ग्रह चंद्रमा

प्रकृति ध्रुव / स्थिर (स्थायी व दीर्घकालीन)

तत्व पृथ्वी तत्त्व

प्रतीक दिव्य रथ

शुभ / अनुकूल

- नींव रखना
- कुआँ खोदना
- घर बनाना
- उपनयन
- कृषि
- सेवा आरंभ करना
- विवाह के लिए शुभ माने गए नक्षत्रों में गिना जाता है।
- गृह प्रवेश, यानी नए घर में पहले प्रवेश, के लिए शुभ माने गए नक्षत्रों में गिना जाता है।
