# पुष्य

> पुष्य का अर्थ और हिंदू पंचांग में पारंपरिक महत्व जानें। पंचांग की गणना और कैलेंडर में इसके स्थान की जानकारी पढ़ें।

Source: https://www.hinducalendar.today/hi/panchang/nakshatra/pushya

२७ नक्षत्र मंडल

०८

पुष्य भचक्र का ८वाँ नक्षत्र है। इसके अधिपति देव देवगुरु बृहस्पति और स्वामी ग्रह शनि हैं।

अधिष्ठाता देवता देवगुरु बृहस्पति

स्वामी ग्रह शनि

प्रकृति क्षिप्र / लघु (पोषक व शुभ)

तत्व जल तत्त्व

प्रतीक गोस्तन / कमल पुष्प

शुभ / अनुकूल

- निर्माण
- दुकान शुरू करना और बिक्री
- शिक्षा आरंभ करना
- आभूषण बनवाना और पहनना
- ललित कलाएँ, उन्हें सीखना और प्रस्तुत करना
- अंतरंगता

प्रतिकूल

- विवाह संस्कार के लिए अच्छा नहीं माना गया।
- गृह प्रवेश के लिए शुभ माने गए नक्षत्रों में नहीं है।
