# पुनर्वसु

> पुनर्वसु का अर्थ और हिंदू पंचांग में पारंपरिक महत्व जानें। पंचांग की गणना और कैलेंडर में इसके स्थान की जानकारी पढ़ें।

Source: https://www.hinducalendar.today/hi/panchang/nakshatra/punarvasu

२७ नक्षत्र मंडल

०७

पुनर्वसु भचक्र का ७वाँ नक्षत्र है। इसके अधिपति देव माता अदिति (देवमाता) और स्वामी ग्रह बृहस्पति (गुरु) हैं।

अधिष्ठाता देवता माता अदिति (देवमाता)

स्वामी ग्रह बृहस्पति (गुरु)

प्रकृति चर / चल (गतिशील व परिवर्तनशील)

तत्व जल व वायु तत्त्व

प्रतीक धनुष व बाण

शुभ / अनुकूल

- यात्राएँ
- वाहनों, घोड़ों और हाथियों की सवारी
- गति की आवश्यकता वाला कोई भी कार्य

प्रतिकूल

- विवाह के लिए शुभ माने गए नक्षत्रों में नहीं है।
- गृह प्रवेश के लिए शुभ माने गए नक्षत्रों में नहीं है।
