# पूर्वाभाद्रपद

> पूर्वाभाद्रपद का अर्थ और हिंदू पंचांग में पारंपरिक महत्व जानें। पंचांग की गणना और कैलेंडर में इसके स्थान की जानकारी पढ़ें।

Source: https://www.hinducalendar.today/hi/panchang/nakshatra/poorva-bhadra

२७ नक्षत्र मंडल

२५

पूर्वाभाद्रपद भचक्र का २५वाँ नक्षत्र है। इसके अधिपति देव अज एकपाद (दिव्य अग्नि स्वरूप) और स्वामी ग्रह बृहस्पति (गुरु) हैं।

अधिष्ठाता देवता अज एकपाद (दिव्य अग्नि स्वरूप)

स्वामी ग्रह बृहस्पति (गुरु)

प्रकृति उग्र / क्रूर (तेजस्वी व दृढ़)

तत्व वायु व जल तत्त्व

प्रतीक तलवार / दिव्य चाप

शुभ / अनुकूल

- अग्नि से जुड़े कार्य
- विषैली औषधियों पर शोध
- शस्त्रों की खरीद-बिक्री और उपयोग, और बंदूक का लाइसेंस लेना
- शल्य क्रियाएँ

प्रतिकूल

- विवाह के लिए शुभ माने गए नक्षत्रों में नहीं है।
- गृह प्रवेश के लिए शुभ माने गए नक्षत्रों में नहीं है।
