# मृगशिरा

> मृगशिरा का अर्थ और हिंदू पंचांग में पारंपरिक महत्व जानें। पंचांग की गणना और कैलेंडर में इसके स्थान की जानकारी पढ़ें।

Source: https://www.hinducalendar.today/hi/panchang/nakshatra/mrigashira

२७ नक्षत्र मंडल

०५

मृगशिरा भचक्र का ५वाँ नक्षत्र है। इसके अधिपति देव सोम देव (चंद्रमा व अमृत तत्व) और स्वामी ग्रह मंगल हैं।

अधिष्ठाता देवता सोम देव (चंद्रमा व अमृत तत्व)

स्वामी ग्रह मंगल

प्रकृति मृदु / मैत्र (कोमल व सौम्य)

तत्व पृथ्वी व वायु तत्त्व

प्रतीक मृग शीर्ष (हिरण मुख)

शुभ / अनुकूल

- गायन और संगीत सीखना
- वस्त्र और आभूषण बनवाना व पहनना
- खेल, और खेलों के कौशल सीखना
- मित्र बनाना
- विवाह के लिए शुभ माने गए नक्षत्रों में गिना जाता है।
- गृह प्रवेश, यानी नए घर में पहले प्रवेश, के लिए शुभ माने गए नक्षत्रों में गिना जाता है।
