# मघा

> मघा का अर्थ और हिंदू पंचांग में पारंपरिक महत्व जानें। पंचांग की गणना और कैलेंडर में इसके स्थान की जानकारी पढ़ें।

Source: https://www.hinducalendar.today/hi/panchang/nakshatra/magha

२७ नक्षत्र मंडल

१०

मघा भचक्र का १०वाँ नक्षत्र है। इसके अधिपति देव पितृगण (पूर्वज) और स्वामी ग्रह केतु हैं।

अधिष्ठाता देवता पितृगण (पूर्वज)

स्वामी ग्रह केतु

प्रकृति उग्र / क्रूर (तेजस्वी व दृढ़)

तत्व अग्नि तत्त्व

प्रतीक राज सिंहासन

शुभ / अनुकूल

- अग्नि से जुड़े कार्य
- विषैली औषधियों पर शोध
- शस्त्रों की खरीद-बिक्री और उपयोग, और बंदूक का लाइसेंस लेना
- शल्य क्रियाएँ
- विवाह के लिए शुभ माने गए नक्षत्रों में गिना जाता है।

प्रतिकूल

- हानिकारक मानकर विवाह के लिए इसका पहला चरण छोड़ दिया जाता है।
- गृह प्रवेश के लिए शुभ माने गए नक्षत्रों में नहीं है।
