# कृत्तिका

> कृत्तिका का अर्थ और हिंदू पंचांग में पारंपरिक महत्व जानें। पंचांग की गणना और कैलेंडर में इसके स्थान की जानकारी पढ़ें।

Source: https://www.hinducalendar.today/hi/panchang/nakshatra/krittika

२७ नक्षत्र मंडल

०३

कृत्तिका भचक्र का ३वाँ नक्षत्र है। इसके अधिपति देव अग्नि देव (अग्नि तत्व) और स्वामी ग्रह सूर्य हैं।

अधिष्ठाता देवता अग्नि देव (अग्नि तत्व)

स्वामी ग्रह सूर्य

प्रकृति मिश्र / साधारण (संतुलित व मध्यम)

तत्व अग्नि तत्त्व

प्रतीक ज्वाला / कुठार

शुभ / अनुकूल

- अग्नि, वेल्डिंग और पिघलाने के कार्य
- गैस संबंधी कार्य और फैब्रिकेशन
- औषधियाँ तैयार करना
- अग्निहोत्र

प्रतिकूल

- विवाह के लिए शुभ माने गए नक्षत्रों में नहीं है।
- गृह प्रवेश के लिए शुभ माने गए नक्षत्रों में नहीं है।
