# ज्येष्ठा

> ज्येष्ठा का अर्थ और हिंदू पंचांग में पारंपरिक महत्व जानें। पंचांग की गणना और कैलेंडर में इसके स्थान की जानकारी पढ़ें।

Source: https://www.hinducalendar.today/hi/panchang/nakshatra/jyeshta

२७ नक्षत्र मंडल

१८

ज्येष्ठा भचक्र का १८वाँ नक्षत्र है। इसके अधिपति देव देवराज इंद्र और स्वामी ग्रह बुध हैं।

अधिष्ठाता देवता देवराज इंद्र

स्वामी ग्रह बुध

प्रकृति तीक्ष्ण / दारुण (तीव्र व वरिष्ठ)

तत्व जल तत्त्व

प्रतीक कुंडल / छत्र

शुभ / अनुकूल

- तांत्रिक कर्म और काला जादू आरंभ करना
- पशुओं को प्रशिक्षित करना और पालतू बनाना
- साधना और हठयोग

प्रतिकूल

- विवाह के लिए शुभ माने गए नक्षत्रों में नहीं है।
- गृह प्रवेश के लिए शुभ माने गए नक्षत्रों में नहीं है।
