# हस्त

> हस्त का अर्थ और हिंदू पंचांग में पारंपरिक महत्व जानें। पंचांग की गणना और कैलेंडर में इसके स्थान की जानकारी पढ़ें।

Source: https://www.hinducalendar.today/hi/panchang/nakshatra/hasta

२७ नक्षत्र मंडल

१३

हस्त भचक्र का १३वाँ नक्षत्र है। इसके अधिपति देव सविता देव (सूर्य चेतना) और स्वामी ग्रह चंद्रमा हैं।

अधिष्ठाता देवता सविता देव (सूर्य चेतना)

स्वामी ग्रह चंद्रमा

प्रकृति क्षिप्र / लघु (शीघ्र व कुशल)

तत्व पृथ्वी तत्त्व

प्रतीक हस्त मुद्रा (वरद हस्त)

शुभ / अनुकूल

- निर्माण
- दुकान शुरू करना और बिक्री
- शिक्षा आरंभ करना
- आभूषण बनवाना और पहनना
- ललित कलाएँ, उन्हें सीखना और प्रस्तुत करना
- अंतरंगता
- विवाह के लिए शुभ माने गए नक्षत्रों में गिना जाता है।

प्रतिकूल

- गृह प्रवेश के लिए शुभ माने गए नक्षत्रों में नहीं है।
