# चित्रा

> चित्रा का अर्थ और हिंदू पंचांग में पारंपरिक महत्व जानें। पंचांग की गणना और कैलेंडर में इसके स्थान की जानकारी पढ़ें।

Source: https://www.hinducalendar.today/hi/panchang/nakshatra/chitra

२७ नक्षत्र मंडल

१४

चित्रा भचक्र का १४वाँ नक्षत्र है। इसके अधिपति देव त्वष्टा / भगवान विश्वकर्मा और स्वामी ग्रह मंगल हैं।

अधिष्ठाता देवता त्वष्टा / भगवान विश्वकर्मा

स्वामी ग्रह मंगल

प्रकृति मृदु / मैत्र (रचनात्मक व सुरुचिपूर्ण)

तत्व पृथ्वी व वायु तत्त्व

प्रतीक उज्ज्वल मणि / मोती

शुभ / अनुकूल

- गायन और संगीत सीखना
- वस्त्र और आभूषण बनवाना व पहनना
- खेल, और खेलों के कौशल सीखना
- मित्र बनाना
- गृह प्रवेश, यानी नए घर में पहले प्रवेश, के लिए शुभ माने गए नक्षत्रों में गिना जाता है।

प्रतिकूल

- विवाह के लिए शुभ माने गए नक्षत्रों में नहीं है।
