# भरणी

> भरणी का अर्थ और हिंदू पंचांग में पारंपरिक महत्व जानें। पंचांग की गणना और कैलेंडर में इसके स्थान की जानकारी पढ़ें।

Source: https://www.hinducalendar.today/hi/panchang/nakshatra/bharani

२७ नक्षत्र मंडल

०२

भरणी भचक्र का २वाँ नक्षत्र है। इसके अधिपति देव यमराज (धर्म व न्याय के देवता) और स्वामी ग्रह शुक्र हैं।

अधिष्ठाता देवता यमराज (धर्म व न्याय के देवता)

स्वामी ग्रह शुक्र

प्रकृति उग्र / क्रूर (तीव्र व प्रभावशाली)

तत्व पृथ्वी तत्त्व

प्रतीक योनि (सृजन स्रोत)

शुभ / अनुकूल

- अग्नि से जुड़े कार्य
- विषैली औषधियों पर शोध
- शस्त्रों की खरीद-बिक्री और उपयोग, और बंदूक का लाइसेंस लेना
- शल्य क्रियाएँ

प्रतिकूल

- विवाह के लिए शुभ माने गए नक्षत्रों में नहीं है।
- गृह प्रवेश के लिए शुभ माने गए नक्षत्रों में नहीं है।
