# अश्विनी

> अश्विनी का अर्थ और हिंदू पंचांग में पारंपरिक महत्व जानें। पंचांग की गणना और कैलेंडर में इसके स्थान की जानकारी पढ़ें।

Source: https://www.hinducalendar.today/hi/panchang/nakshatra/ashwini

२७ नक्षत्र मंडल

०१

अश्विनी भचक्र का १वाँ नक्षत्र है। इसके अधिपति देव अश्विनी कुमार (देव चिकित्सक) और स्वामी ग्रह केतु हैं।

अधिष्ठाता देवता अश्विनी कुमार (देव चिकित्सक)

स्वामी ग्रह केतु

प्रकृति क्षिप्र / लघु (शीघ्र व सुगम)

तत्व पृथ्वी तत्त्व

प्रतीक अश्व मुख

शुभ / अनुकूल

- निर्माण
- दुकान शुरू करना और बिक्री
- शिक्षा आरंभ करना
- आभूषण बनवाना और पहनना
- ललित कलाएँ, उन्हें सीखना और प्रस्तुत करना
- अंतरंगता

प्रतिकूल

- विवाह के लिए शुभ माने गए नक्षत्रों में नहीं है।
- गृह प्रवेश के लिए शुभ माने गए नक्षत्रों में नहीं है।
