# आश्लेषा

> आश्लेषा का अर्थ और हिंदू पंचांग में पारंपरिक महत्व जानें। पंचांग की गणना और कैलेंडर में इसके स्थान की जानकारी पढ़ें।

Source: https://www.hinducalendar.today/hi/panchang/nakshatra/ashlesha

२७ नक्षत्र मंडल

०९

आश्लेषा भचक्र का ९वाँ नक्षत्र है। इसके अधिपति देव नाग देवता और स्वामी ग्रह बुध हैं।

अधिष्ठाता देवता नाग देवता

स्वामी ग्रह बुध

प्रकृति तीक्ष्ण / दारुण (तीव्र व रहस्यमय)

तत्व जल तत्त्व

प्रतीक कुंडलीकृत नाग

शुभ / अनुकूल

- तांत्रिक कर्म और काला जादू आरंभ करना
- पशुओं को प्रशिक्षित करना और पालतू बनाना
- साधना और हठयोग

प्रतिकूल

- विवाह के लिए शुभ माने गए नक्षत्रों में नहीं है।
- गृह प्रवेश के लिए शुभ माने गए नक्षत्रों में नहीं है।
