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> पंचांग ज्ञान: तिथि, नक्षत्र, योग, करण और राशि का अर्थ तथा पारंपरिक महत्व जानें।

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पंचांग ज्ञानकोष

वैदिक काल-गणना के पाँच अंगों (तिथि, वार, नक्षत्र, योग, करण) का प्रामाणिक संदर्भ ग्रंथ।

[०१ वृद्धि प्रदा (उन्नति व समृद्धि) प्रतिपदा प्रतिपदा वैदिक पंचांग की पवित्र १वीं तिथि है। इसके अधिष्ठाता देव अग्नि देव हैं और प्रकृति वृद्धि प्रदा (उन्नति व समृद्धि विस्तार से जानें](https://www.hinducalendar.today/hi/panchang/tithi/prathame)[०२ मंगल प्रदा (कल्याणकारी व शुभ) द्वितीया द्वितीया वैदिक पंचांग की पवित्र २वीं तिथि है। इसके अधिष्ठाता देव भगवान ब्रह्मा हैं और प्रकृति मंगल प्रदा (कल्याणकारी व श विस्तार से जानें](https://www.hinducalendar.today/hi/panchang/tithi/dwitiya)[०३ बल प्रदा (शक्ति व ऊर्जा) तृतीया तृतीया वैदिक पंचांग की पवित्र ३वीं तिथि है। इसके अधिष्ठाता देव माता गौरी (पार्वती) हैं और प्रकृति बल प्रदा (शक्ति व ऊर्ज विस्तार से जानें](https://www.hinducalendar.today/hi/panchang/tithi/tritiya)[०४ रिक्ता (संकट-निवारक व शक्ति) चतुर्थी चतुर्थी वैदिक पंचांग की पवित्र ४वीं तिथि है। इसके अधिष्ठाता देव भगवान गणेश (विघ्नहर्ता) हैं और प्रकृति रिक्ता (संकट-निवा विस्तार से जानें](https://www.hinducalendar.today/hi/panchang/tithi/chaturthi)[०५ लक्ष्मी प्रदा (धन व ऐश्वर्य) पंचमी पञ्चमी पंचमी वैदिक पंचांग की पवित्र ५वीं तिथि है। इसके अधिष्ठाता देव नाग देव व माँ सरस्वती हैं और प्रकृति लक्ष्मी प्रदा (धन व ऐ विस्तार से जानें](https://www.hinducalendar.today/hi/panchang/tithi/panchami)[०६ यश प्रदा (ख्याति व सम्मान) षष्ठी षष्ठी वैदिक पंचांग की पवित्र ६वीं तिथि है। इसके अधिष्ठाता देव भगवान कार्तिकेय (स्कंद) हैं और प्रकृति यश प्रदा (ख्याति व विस्तार से जानें](https://www.hinducalendar.today/hi/panchang/tithi/shashthi)[०७ मित्र प्रदा (मैत्री व सौहार्द) सप्तमी सप्तमी वैदिक पंचांग की पवित्र ७वीं तिथि है। इसके अधिष्ठाता देव भगवान सूर्य देव हैं और प्रकृति मित्र प्रदा (मैत्री व सौहा विस्तार से जानें](https://www.hinducalendar.today/hi/panchang/tithi/saptami)[०८ जया प्रदा (विजय व सिद्धि) अष्टमी अष्टमी वैदिक पंचांग की पवित्र ८वीं तिथि है। इसके अधिष्ठाता देव माँ दुर्गा व भगवान शिव हैं और प्रकृति जया प्रदा (विजय व स विस्तार से जानें](https://www.hinducalendar.today/hi/panchang/tithi/ashtami)[०९ रिक्ता (साहस व पराक्रम) नवमी नवमी वैदिक पंचांग की पवित्र ९वीं तिथि है। इसके अधिष्ठाता देव माँ दुर्गा व भगवान राम हैं और प्रकृति रिक्ता (साहस व पराक्र विस्तार से जानें](https://www.hinducalendar.today/hi/panchang/tithi/navami)[१० सौम्य प्रदा (शांति व मधुरता) दशमी दशमी वैदिक पंचांग की पवित्र १०वीं तिथि है। इसके अधिष्ठाता देव यमराज व दश दिक्पाल हैं और प्रकृति सौम्य प्रदा (शांति व मधु विस्तार से जानें](https://www.hinducalendar.today/hi/panchang/tithi/dashami)[११ मोक्ष प्रदा (मुक्ति व साधना) एकादशी एकादशी वैदिक पंचांग की पवित्र ११वीं तिथि है। इसके अधिष्ठाता देव भगवान विष्णु (नारायण) हैं और प्रकृति मोक्ष प्रदा (मुक्ति विस्तार से जानें](https://www.hinducalendar.today/hi/panchang/tithi/ekadashi)[१२ यश प्रदा (ख्याति व सम्मान) द्वादशी द्वादशी वैदिक पंचांग की पवित्र १२वीं तिथि है। इसके अधिष्ठाता देव भगवान विष्णु हैं और प्रकृति यश प्रदा (ख्याति व सम्मान) विस्तार से जानें](https://www.hinducalendar.today/hi/panchang/tithi/dwadashi)[१३ जया प्रदा (विजय व सिद्धि) त्रयोदशी त्रयोदशी वैदिक पंचांग की पवित्र १३वीं तिथि है। इसके अधिष्ठाता देव कामदेव व भगवान शिव हैं और प्रकृति जया प्रदा (विजय व सि विस्तार से जानें](https://www.hinducalendar.today/hi/panchang/tithi/trayodashi)[१४ उग्र / क्रूर (तेजस्वी व दृढ़) चतुर्दशी चतुर्दशी वैदिक पंचांग की पवित्र १४वीं तिथि है। इसके अधिष्ठाता देव भगवान शिव व माँ काली हैं और प्रकृति उग्र / क्रूर (तेजस विस्तार से जानें](https://www.hinducalendar.today/hi/panchang/tithi/chaturdashi)[१५ सम्पूर्ण (परिपूर्णता व संतुष्टि) पूर्णिमा पूर्णिमा वैदिक पंचांग की पवित्र १५वीं तिथि है। इसके अधिष्ठाता देव चंद्र देव व भगवान सत्यनारायण हैं और प्रकृति सम्पूर्ण ( विस्तार से जानें](https://www.hinducalendar.today/hi/panchang/tithi/purnima)[१६ वृद्धि प्रदा (उन्नति व समृद्धि) कृष्ण प्रतिपदा कृष्ण प्रतिपदा वैदिक पंचांग की पवित्र १६वीं तिथि है। इसके अधिष्ठाता देव अग्नि देव हैं और प्रकृति वृद्धि प्रदा (उन्नति व विस्तार से जानें](https://www.hinducalendar.today/hi/panchang/tithi/krishna-prathame)[१७ मंगल प्रदा (कल्याणकारी व शुभ) कृष्ण द्वितीया कृष्ण द्वितीया वैदिक पंचांग की पवित्र १७वीं तिथि है। इसके अधिष्ठाता देव भगवान ब्रह्मा हैं और प्रकृति मंगल प्रदा (कल्याणक विस्तार से जानें](https://www.hinducalendar.today/hi/panchang/tithi/krishna-dwitiya)[१८ बल प्रदा (शक्ति व ऊर्जा) कृष्ण तृतीया कृष्ण तृतीया वैदिक पंचांग की पवित्र १८वीं तिथि है। इसके अधिष्ठाता देव माता गौरी (पार्वती) हैं और प्रकृति बल प्रदा (शक्ति विस्तार से जानें](https://www.hinducalendar.today/hi/panchang/tithi/krishna-tritiya)[१९ रिक्ता (संकट-निवारक व शक्ति) कृष्ण चतुर्थी कृष्ण चतुर्थी वैदिक पंचांग की पवित्र १९वीं तिथि है। इसके अधिष्ठाता देव भगवान गणेश (विघ्नहर्ता) हैं और प्रकृति रिक्ता (सं विस्तार से जानें](https://www.hinducalendar.today/hi/panchang/tithi/krishna-chaturthi)[२० लक्ष्मी प्रदा (धन व ऐश्वर्य) कृष्ण पंचमी कृष्ण पञ्चमी कृष्ण पंचमी वैदिक पंचांग की पवित्र २०वीं तिथि है। इसके अधिष्ठाता देव नाग देव व माँ सरस्वती हैं और प्रकृति लक्ष्मी प्रदा विस्तार से जानें](https://www.hinducalendar.today/hi/panchang/tithi/krishna-panchami)[२१ यश प्रदा (ख्याति व सम्मान) कृष्ण षष्ठी कृष्ण षष्ठी वैदिक पंचांग की पवित्र २१वीं तिथि है। इसके अधिष्ठाता देव भगवान कार्तिकेय (स्कंद) हैं और प्रकृति यश प्रदा (ख् विस्तार से जानें](https://www.hinducalendar.today/hi/panchang/tithi/krishna-shashthi)[२२ मित्र प्रदा (मैत्री व सौहार्द) कृष्ण सप्तमी कृष्ण सप्तमी वैदिक पंचांग की पवित्र २२वीं तिथि है। इसके अधिष्ठाता देव भगवान सूर्य देव हैं और प्रकृति मित्र प्रदा (मैत्री विस्तार से जानें](https://www.hinducalendar.today/hi/panchang/tithi/krishna-saptami)[२३ जया प्रदा (विजय व सिद्धि) कृष्ण अष्टमी कृष्ण अष्टमी वैदिक पंचांग की पवित्र २३वीं तिथि है। इसके अधिष्ठाता देव माँ दुर्गा व भगवान शिव हैं और प्रकृति जया प्रदा (व विस्तार से जानें](https://www.hinducalendar.today/hi/panchang/tithi/krishna-ashtami)[२४ रिक्ता (साहस व पराक्रम) कृष्ण नवमी कृष्ण नवमी वैदिक पंचांग की पवित्र २४वीं तिथि है। इसके अधिष्ठाता देव माँ दुर्गा व भगवान राम हैं और प्रकृति रिक्ता (साहस व विस्तार से जानें](https://www.hinducalendar.today/hi/panchang/tithi/krishna-navami)[२५ सौम्य प्रदा (शांति व मधुरता) कृष्ण दशमी कृष्ण दशमी वैदिक पंचांग की पवित्र २५वीं तिथि है। इसके अधिष्ठाता देव यमराज व दश दिक्पाल हैं और प्रकृति सौम्य प्रदा (शांति विस्तार से जानें](https://www.hinducalendar.today/hi/panchang/tithi/krishna-dashami)[२६ मोक्ष प्रदा (मुक्ति व साधना) कृष्ण एकादशी कृष्ण एकादशी वैदिक पंचांग की पवित्र २६वीं तिथि है। इसके अधिष्ठाता देव भगवान विष्णु (नारायण) हैं और प्रकृति मोक्ष प्रदा ( विस्तार से जानें](https://www.hinducalendar.today/hi/panchang/tithi/krishna-ekadashi)[२७ यश प्रदा (ख्याति व सम्मान) कृष्ण द्वादशी कृष्ण द्वादशी वैदिक पंचांग की पवित्र २७वीं तिथि है। इसके अधिष्ठाता देव भगवान विष्णु हैं और प्रकृति यश प्रदा (ख्याति व सम विस्तार से जानें](https://www.hinducalendar.today/hi/panchang/tithi/krishna-dwadashi)[२८ जया प्रदा (विजय व सिद्धि) कृष्ण त्रयोदशी कृष्ण त्रयोदशी वैदिक पंचांग की पवित्र २८वीं तिथि है। इसके अधिष्ठाता देव कामदेव व भगवान शिव हैं और प्रकृति जया प्रदा (विज विस्तार से जानें](https://www.hinducalendar.today/hi/panchang/tithi/krishna-trayodashi)[२९ उग्र / क्रूर (तेजस्वी व दृढ़) कृष्ण चतुर्दशी कृष्ण चतुर्दशी वैदिक पंचांग की पवित्र २९वीं तिथि है। इसके अधिष्ठाता देव भगवान शिव व माँ काली हैं और प्रकृति उग्र / क्रूर विस्तार से जानें](https://www.hinducalendar.today/hi/panchang/tithi/krishna-chaturdashi)[३० पितृ प्रदा (गहन व अंतर्मुखी) अमावस्या अमावस्या वैदिक पंचांग की पवित्र ३०वीं तिथि है। इसके अधिष्ठाता देव पितृगण व माँ लक्ष्मी हैं और प्रकृति पितृ प्रदा (गहन व विस्तार से जानें](https://www.hinducalendar.today/hi/panchang/tithi/amavasya)
