# रक्षाबंधन 2027: तिथि और महत्व

> रक्षाबंधन 2027: हिंदू पंचांग में तिथियाँ, समय और पारंपरिक महत्व जानें। त्योहार के व्रत, पूजा और अनुष्ठानों की जानकारी देखें।

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## महत्व एवं आध्यात्मिक रहस्य

आध्यात्मिक महत्व, दार्शनिक भाव एवं सनातन मूल्य

महत्व एवं आध्यात्मिक रहस्य

रक्षाबंधन सनातन संस्कृति का अत्यंत पावन पर्व है जो भाई-बहन के निस्वार्थ प्रेम, मर्यादा और सुरक्षा के पवित्र संकल्प का प्रतीक है। बहनें अपने भाई की कलाई पर रक्षासूत्र बांधकर उनके दीर्घायु, यश और मंगलमय जीवन की प्रार्थना करती हैं।

आध्यात्मिक महत्व, दार्शनिक भाव एवं सनातन मूल्य

यह पर्व धर्म, मर्यादा और कर्तव्य की रक्षा का संदेश देता है। भगवान श्री कृष्ण ने द्रौपदी के चीरहरण के समय रक्षा का वचन निभाया था।

## प्रमुख विधि एवं अनुष्ठान

स्टेप-बाय-स्टेप पूजा विधि एवं आचरण

1. १ चरण १ प्रातः स्नान कर देव पूजन एवं कुलदेवता का स्मरण।
2. २ चरण २ भद्रा काल का पूर्ण त्याग कर शुभ मुहूर्त में रक्षासूत्र बंधन।
3. ३ चरण ३ अपराह्न काल या प्रदोष काल में शुभ चौघड़िया में राखी बांधना।
4. ४ चरण ४ आरती उतारकर भाई के मस्तक पर अक्षत-रोली का तिलक लगाना।
5. ५ चरण ५ रक्षासूत्र बांधकर मिठाई खिलाना एवं भाई द्वारा उपहार देना।

## प्रधान देवता एवं पवित्र मंत्र

भगवान श्री कृष्ण एवं देवी यमुना • कल्याणकारी वैदिक एवं पौराणिक मंत्र संग्रह

ॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः । सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद्दुःखभाग्भवेत् ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥ May all sentient beings be joyful. May all be free from illness and distress. May all behold what is auspicious and good. May none suffer. Om Peace, Peace, Peace!
