# मुक्कोटी एकादशी 2026: तिथि और महत्व

> मुक्कोटी एकादशी 2026: हिंदू पंचांग में तिथियाँ, समय और पारंपरिक महत्व जानें। त्योहार के व्रत, पूजा और अनुष्ठानों की जानकारी देखें।

Source: https://www.hinducalendar.today/hi/festivals/mukkoti-ekadasi

## महत्व एवं आध्यात्मिक रहस्य

आध्यात्मिक महत्व, दार्शनिक भाव एवं सनातन मूल्य

महत्व एवं आध्यात्मिक रहस्य

मुक्कोटी एकादशी ग्यारहवीं तिथि पर मनाई जाती है, जिसमें अन्न का त्याग और भगवान विष्णु की पूजा होती है। व्रत अगली सुबह पारण के समय खोला जाता है। यह दिन भगवान विष्णु को समर्पित है।

आध्यात्मिक महत्व, दार्शनिक भाव एवं सनातन मूल्य

एकादशी को व्रतों का राजा कहा जाता है। यह शरीर और मन को शुद्ध करने तथा भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए रखी जाती है।

## प्रमुख विधि एवं अनुष्ठान

स्टेप-बाय-स्टेप पूजा विधि एवं आचरण

1. १ चरण १ सूर्योदय पर संकल्प लें और अन्न व दालों का त्याग करें।
2. २ चरण २ तुलसी दल और दीप से भगवान विष्णु की पूजा करें।
3. ३ चरण ३ एकादशी की कथा पढ़ें या सुनें और रात भजन में बिताएँ।
4. ४ चरण ४ द्वादशी को पारण के समय में व्रत खोलें।

## प्रधान देवता एवं पवित्र मंत्र

भगवान विष्णु • कल्याणकारी वैदिक एवं पौराणिक मंत्र संग्रह

१

#### भगवान विष्णु · मंत्र

ॐ नमो नारायणाय ॥

भावार्थ

भगवान विष्णु को नमन।

108 जप पवित्र मंत्र

## व्रत नियम एवं पारण विधि

✓ सूर्योदय से व्रत रखें; कठोर व्रत न हो तो जल, फल या दूध लिया जा सकता है।

✓ कठोर व्रत में अन्न, प्याज़, लहसुन और नमक से बचें।

✓ पूजा के बाद व्रत के निर्देशित समय पर उपवास खोलें।
