# अधिक स्कंद षष्ठी 2026: तिथि और महत्व

> अधिक स्कंद षष्ठी 2026: हिंदू पंचांग में तिथियाँ, समय और पारंपरिक महत्व जानें। त्योहार के व्रत, पूजा और अनुष्ठानों की जानकारी देखें।

Source: https://www.hinducalendar.today/hi/festivals/adhika-skanda-sashti

## महत्व एवं आध्यात्मिक रहस्य

आध्यात्मिक महत्व, दार्शनिक भाव एवं सनातन मूल्य

महत्व एवं आध्यात्मिक रहस्य

यह भगवान कार्तिकेय, यानी स्कंद, मुरुगन या सुब्रह्मण्य का दिन है।

आध्यात्मिक महत्व, दार्शनिक भाव एवं सनातन मूल्य

शिव और पार्वती के पुत्र भगवान मुरुगन की उपासना विशेषकर दक्षिण में होती है। स्कंद षष्ठी हर मास की षष्ठी है; सूरसंहारम सूरपद्म दैत्य पर उनकी विजय की स्मृति है; थाई पूसम वह दिन है जब पार्वती ने उन्हें वेल दिया; वैकासी विशाखम उनका जन्मदिन है; और पंगुनी उत्तिरम उनका विवाह दिवस है।

## प्रमुख विधि एवं अनुष्ठान

स्टेप-बाय-स्टेप पूजा विधि एवं आचरण

1. १ चरण १ उपवास और फूल, विभूति और दूध से भगवान मुरुगन की पूजा।
2. २ चरण २ मुरुगन मंदिर दर्शन और कावड़ी उठाना।
3. ३ चरण ३ कंद षष्ठी कवचम् का पाठ।

## प्रधान देवता एवं पवित्र मंत्र

भगवान कार्तिकेय (स्कंद) • कल्याणकारी वैदिक एवं पौराणिक मंत्र संग्रह

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#### भगवान कार्तिकेय (स्कंद) · मंत्र

ॐ शरवणभवाय नमः ॥

भावार्थ

भगवान कार्तिकेय (स्कंद) को नमन।

108 जप पवित्र मंत्र

## व्रत नियम एवं पारण विधि

✓ सूर्योदय से व्रत रखें; कठोर व्रत न हो तो जल, फल या दूध लिया जा सकता है।

✓ कठोर व्रत में अन्न, प्याज़, लहसुन और नमक से बचें।

✓ पूजा के बाद व्रत के निर्देशित समय पर उपवास खोलें।
